मेवाड़ की खबरें


जानिए संतान-निर्माण का मनोविज्ञान : धीरज अरोड़ा

परवरिश के प्रभावी सूत्र पर पुस्तक प्रकाशित
केवल टिप्स नहीं, गहरी समझ के सूत्र

उदयपुर। बच्चे पैदा करना जैविक घटना है, किन्तु उसे पालना, संस्कार देना सामाजिक घटना है, बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं, यदि परवरिश में कोई गलती होती है तो पूरे समाज को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ता है, सही परवरिश महत्वपूर्ण किन्तु चुनौतीपूर्ण कार्य है,परिवार पहली पाठशाला है, बच्चे परिवार से आचरण सीखते हैं, वे कहने से अधिक हमारे व्यवहार से सीखते हैं, वे हमसे सफलता और आनंद के उच्च शिखर पर पहुँचने या नाकामयाबी का नज़रिया भी ले सकते हैं, ये हम पर निर्भर करता है।
भविष्य में संतान कि चुनौतियाँ हमसे अलग तरह की होंगी, उन्हें वैश्विक परिपेक्ष्य में प्रोद्यौगिकी, जीवन मूल्य, परिवार एवं स्वयं से सामंजस्य बनाना होगा, हमें बाल-मनोविज्ञान और प्रत्येक बच्चे के अनूठेपन को ध्यान रखकर बच्चे को पालना होगा।
इस बुनियादी और प्रासंगिक विषय पर युवा दार्शनिक धीरज अरोड़ा ने पुस्तक लिखी है संतान-निर्माण : परवरिश के प्रभावी सूत्र यह पुस्तक परवरिश के साथ ही स्व-प्रबंधन के सूत्र समेटे है, यह बच्चे को समझने उसकी प्रतिभा को पहचानने, जड़ों से जोड़ने तथा उसकी असीम संभावनाओं को विकसित करने में मदद करेगी, विषय क्रम में संतान-जन्म, स्वास्थ्य, बाल-मनोविज्ञान, अन्तर्सम्बन्ध, शिक्षा, बच्चे से संवाद, स्वतंत्रता एवं अनुशासन, आचरण, प्रतिभा-पहचान, नवाचार, किशोर से व्यवहार, कॅरियर-चयन आदि है।
पुस्तक में अभिभावकों के सामने प्रतिदिन आने वाली तमाम कठिनाइयों के समाधान हैं, यह केवल टिप्स नहीं गहरी समझ के सूत्र देने वाली अनूठी पुस्तक है।
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उल्लेखनीय है कि धीरज अरोड़ा एवं लक्ष्या चतुर्वेदी द्वारा परवरिश पर देशभर में सेमीनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। Mob. 7742196177, 9214446286, Email : dheerajarora2029@gmail.com

By : Amit Sethia



भारतीय रेलवे की स्वच्छता रैंकिंग में उदयपुर सिटी स्टेशन चौथे नं. पर

मारवाड़ जंक्शन ने ए श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया
अजमेर मंडल के शानदार प्रदर्शन पर गर्व की अनुभूति

उदयपुर। रेल मंत्रालय की पहल पर भारतीय रेलवे के सभी ए-1 एवं ए श्रेणी के स्टेशनों की स्वच्छता रैंकिंग के निर्धारण हेतु मई 2018 में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से 75 ए-1 श्रेणी और 332 ए श्रेणी स्टेशनों का स्वच्छता सर्वेक्षण कराया गया। जिसमें प्रक्रिया मूल्यांकन, प्रत्यक्ष निरीक्षण और पैसेंजर फीडबैक के आधार पर अंक प्रदान किए गए। इसमें अजमेर मंडल के ए-1 श्रेणी में अजमेर स्टेशन और ए श्रेणी में मारवाड़ जंक्शन, उदयपुर सिटी, भीलवाड़ा, फालना, आबूरोड एवं रानी स्टेशनों को शामिल किया गया था। सर्वेक्षण का परिणाम 13 अगस्त को रेलमंत्री पीयूष गोयल द्वारा जारी किया गया जिसमें अजमेर मंडल के सभी स्टेशनों ने विगत वर्ष की रैंकिंग में अत्यधिक सुधार किया और मारवाड़ जंक्शन ने ए श्रेणी में भारतीय रेलवे के 332 स्टेशनों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया जबकि पूर्व सर्वे में मारवाड़ जंक्शन स्टेशन की 168 वीं रैंक थी। इस श्रेणी में मंडल के उदयपुरसिटी स्टेशन ने 4थी (पूर्वे सर्वे में 141वी रैंक), भीलवाड़ा ने 10वीं (पूर्वे सर्वे में135वी रैंक), फालना ने 23वीं (पूर्वे सर्वे में 153 वी रैंक), आबूरोड ने 36वीं (पूर्वे सर्वे में 148 वी रैंक) , रानी ने 71वीं (पूर्वे सर्वे में 182 वी रैंक) रैंक हासिल की । इस प्रकार ए श्रेणी में शीर्ष 10 स्टेशनों में अजमेर मंडल के तीन स्टेशन एवं शीर्ष 50 में पांच स्टेशनों ने स्थान बनाया। अजमेर स्टेशन ने ए-1 श्रेणी में पूर्व में 20 वीं रैंक की अपेक्षा 18 वी रैंक हासिल हुई हे। अजमेर मंडल ने अपने स्टेशनों पर स्वच्छता सुधार के परिणामस्वरुप उत्तर पश्चिम रेलवे ने सभी 16 क्षेत्रीय रेलवे में पहला स्थान प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया है। यह सुधार अजमेर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार कश्यप के दिशा निर्देश, रेल अधिकारीओ एवं कर्मचारियों के अथक मेहनत तथा रेलयात्रियों के सहयोग से प्राप्त किया गया और भारतीय रेलवे अजमेर मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता सुनिश्चित करने में सफलता प्राप्त की। मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार कश्यप के अनुसार स्वच्छता रैंकिंग में अजमेर मंडल के शानदार प्रदर्शन पर गर्व की अनुभूति हो रही है। अजमेर मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सभी स्टेशनों पर अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की टीम नामित कर नियमित रूप से सफाई एवं हाउस कीपिंग सुधार किया गया इसके लिए सभी को दैनिक रूप से फोटो लेकर नामित अधिकारिओं को भेजा गया जिस पर मंडल स्तर पर आवश्यक सुधार के लिए सलाह दी गई । इस प्रकार मंडल के सभी अधिकारियों कर्मचारियों एवं कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारियों, वेंडरों तथा स्थानीय यात्रियों के सहयोग से परिणाम प्राप्त हुए हैं।

By : Suresh Lakhan



कैट रजिस्ट्रेशन 19 सितंबर तक किये जायेंगे

फाइनल ईयर कैंडिडेट्स भी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं
अभ्यर्थी के पास 50 फीसदी नंबर के साथ बैचलर्स डिग्री जरुरी

उदयपुर। प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्‍थान आईआईएम में एडमिशन के लिए होने वाले कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (कैट-2018) के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। स्टूडेंट्स 19 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इस साल आईआईएम कोलकाता कैट एग्जाम कंडक्ट कर रहा है। यह परीक्षा 25 नवंबर पूरे देश में 147 सेंटरों पर होगी। फाइनल ईयर में शामिल या रिजल्ट का इंतजार कर रहे कैंडिडेट्स भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। महिला कैंडिडेट्स अपने शहर को भी सेंटर के रूप में चुन सकती हैं। बाकी कैंडिडेट्स एग्जाम सेंटर के रूप में 4 ऑप्शन चुन सकते हैं। इसमें परसेंटाइल परफॉर्मेंस के आधार पर स्टूडेंट्स आईआईएम अहमदाबाद, उदयपुर, अमृतसर, बेंगलुरू, कोलकाता, इंदौर, जम्मू, काशीपुर, लखनऊ, नागपुर, रायपुर, रांची, रोहतक, संबलपुर, शिलांग, सिरमौर, तिरुचिरापल्ली, विशाखापट्नम में प्रवेश ले सकते हैं। कैट एग्जाम में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी के पास 50 फीसदी नंबरों के साथ या उसके समकक्ष सीजीपीए, एससी-एसटी, दिव्यांग के लिए 45 फीसदी के साथ बैचलर्स डिग्री होनी जरुरी है।

By : Suresh Lakhan



जेके लक्ष्मी सीमेंट समुह का नया सीमेंट ब्राण्ड जेके सिक्सर लांच

सभी प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त
राजस्थान एवं गुजरात में लांच

21/09/2018 - उदयपुर। देश के अग्रणी सीमेंट निर्माता जेके लक्ष्मी सीमेंट द्वारा नया सीमेंट ब्रांड जेके सिक्सर राजस्थान एवं गुजरात में लांच किया। जेके लक्ष्मी सीमेंट समुह के पूर्णकालिक निदेशक डॉ. शैलेन्द्र चैकसे ने कहा हमारे उत्पादों को मार्केट में सदैव सराहा गया है एवं हमें विश्वास है की जेके सिक्सर के लॉन्च के साथ राजस्थान एवं गुजरात के मार्केट में हमारा हिस्सा निश्चित रूप से बढ़ेगा एवं कंपनी को अधिक मजबूत स्थान प्रदान करेगा।
चैकसे के अनुसार जेके लक्ष्मी सीमेंट समुह इस क्षेत्र में अपने दो सीमेंट प्लांट- सिरोही एवं उदयपुर (राजस्थान) तथा दो ग्राइंडिंग प्लांट- कलोल एवं सूरत (गुजरात) की उपस्थिति से प्रभावशाली उत्पादन क्षमता रखता है एवं जेके सिक्सर ब्रांड के आने से कंपनी की इस क्षेत्र के मार्केट में पकड़ और अधिक मजबूत होगी। जेके सिक्सर के सेल्स प्रमुख शरद अग्रवाल ने कहा जेके सिक्सर सीमेंट सभी प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त सीमेंट है एवं छत ढ़ालने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह सीमेंट अधिक कंप्रेसिव स्ट्रेंथ, टिकाऊपन, सरिये पर जबरदस्त पकड़ देने के साथ- साथ जंग प्रतिरोधी भी है।
इस अवसर पर अजय दाधीच, असीम सक्सेना, लक्ष्मीकांत गट्टानी, सुनील कालानी, संजय चांडक, डी के गुप्ता, नीरज शर्मा उपस्थित रहे।

By : Sameer Banerjee



प्रबंधन एवं संगठन समन्वय से ही बैंक की प्रगति: विजय कुमार

अधिकारियों की समस्यायों पर उचित ध्यान दिया जाए

21/09/2018 - उदयपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन उदयपुर की ओर से ऑफिसर्स मीट आयोजित की गई। मुख्य अतिथि उप महाप्रबंधक एस विजय कुमार ने बताया कि प्रबंधन एवं संगठन का उचित समन्वय ही बैंक को प्रगति पथ पर अग्रसर कर सकता है। जयपुर से आए एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अवतार सिंह जाखड़ ने बैंक प्रबंधन से आग्रह किया कि अधिकारियों की समस्यायों पर उचित ध्यान दिया जाए ताकि वे अधिक प्रेरित होकर कार्य कर सके। संगठन के मंडल के महासचिव विनय भल्ला ने विस्तार एवं सूक्ष्मता से बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे नवीनतम बदलावों पर अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत उदयपुर के रिजनल सेक्रेटरी राजेश जैन ने किया। धन्यवाद एस एल मारु ने किया। इस अवसर पर एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उदयपुर क्षेत्र के अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन धर्मवीर भाटिया ने किया।

By : Suresh Lakhan



जन आंदोलन बनेगा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम : गुप्ता

उदयपुर इस ज़ोन में सर्वाधिक कुपोषण ग्रस्त क्षेत्र
भारत में 39 फीसदी बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार

20/09/2018 - उदयपुर। सरकार द्वारा कुपोषण के खिलाफ चलाये जा रहे जन आंदोलन में पोषण माहअपनी अहम् भूमिका निभा रहे है। यह बात प्रेसवार्ता में फाइट हंगर फाउण्डेशन की हेड मौसमी गुप्ता ने कही। वैश्विक पोषण रिपोर्ट 2016 के अनुसार भारत में लगभग 39 फीसदी बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हैं। भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार देश के 2 करोड़ 80 लाख बच्चे गंभीर कुपोषित हैं। ऐसे में कुपोषण को जन आंदोलन का रूप देने की जरूरत है जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं को भी अपनी सक्रियता दिखानी होगी।
गुप्ता ने बताया की आज देश में हर चौथा बच्चा कुपोषण ग्रस्त हे। सरकार 2022 तक अति गंभीर कुपोषण को न्यूनतम स्तर तक लाना एवं महिलाओं के पोषण स्तर को बढ़ाना है। एक्शन अगेन्स्ट हंगर राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में काम कर रहा है। मौसमी गुप्ता ने बताया की फाउण्डेशन पिछले 40 वर्षो से दुनिया में काम कर रहा है। 2010 से यह भारत में काम कर रहा है।
फाउण्डेशन की उदयपुर प्रतिनिधि श्रृंगार बेदी ने बताया की उदयपुर इस ज़ोन में सर्वाधिक कुपोषण ग्रस्त क्षेत्र हे जो चिंता का विषय है।

By : Sameer Banerjee



जीएसटी कर प्रणाली में इनपुट टैक्स क्रेडिट सबसे महत्वपूर्ण

19/09/2018 - उदयपुर। उदयपुर चेम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्री द्वारा फैडरेशन आॅफ इण्डियन एक्सपोर्ट आॅरगेनाईजेशन्स (फियो) एवं यस बैंक के संयुक्त तत्वावधान में यूसीसीआई में जीएसटी के तहत खातों को अंतिम रूप देना तथा करेन्सी रिस्क मैनेजमेन्ट विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के आरंभ में यूसीसीआई अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक व्यवसाय संगठन वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए खातों की पुस्तकों को अंतिम रूप देने और बैलेंस शीट की तैयारी में लगा हुआ है। यह वित्तीय वर्ष दो अप्रत्यक्ष कर प्रावधानों, पूर्व-जीएसटी (उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट) और जीएसटी के बाद के समय में विभाजित है। जीएसटी कार्यान्वयन के बाद यह पहला वित्तीय वर्ष है अतः खातों की किताबों को अंतिम रूप देने और बैलेंस शीट की तैयारी करते समय जीएसटी कानून के तहत कानूनी प्रावधानों को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है।
फैडरेशन आॅफ इण्डियन एक्सपोर्ट आॅरगेनाईजेशन्स के भूपेन्द्रसिंह ने फियो की गतिविधियों के साथ निर्यात मित्र मोबाईल एप्प के बारे में अवगत कराया। कार्यशाला में जयपुर के चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट पुलकित खण्डेलवाल ने जीएसटी कर प्रणाली के तहत निर्यात खातों को अन्तिम रूप दिये जाने के बारे में स्लाईड प्रेजेन्टेशन के माध्यम से अकाउन्ट्स क्लोज करने के लिए वैधानिक आवश्यकताएं, रिटर्न और अकाउन्ट्स बुक्स में रिकन्सीलेशन, अकाउन्टिग एन्ट्रीज, अकाउन्ट्स रिकॉड्र्स, रिटर्न फाईलिंग की त्रुटियों में सुधार, वित्तीय वर्ष के अंत में रखे जाने वाले प्रोविजन्स एवं एडजेस्टमेन्ट्स आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। यस बैंक लिमिटेड के बिजनेस लीडर पंकज पोपट ने उद्यमियों एवं व्यवसायियों को यस बैंक द्वारा प्रदान की जा रही ऋण सुविधाओं के साथ ही मुद्रा जोखिम प्रबन्धन (करेन्सी रिस्क मैनेजमेन्ट) के विषय में जानकारी दी।
प्रश्नकाल के दौरान निर्यातकों द्वारा निर्यात व्यापार में जीएसटी कर प्रणाली के लागू होने से अकाउन्ट्स सम्बन्धित समस्याएं रखी गई जिनका पुलकित खण्डेलवाल के अधिकारियों ने उचित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। अन्त में यूसीसीआई की डी.जी.एफ.टी. एवं फाॅरेन ट्रेड सब कमेटी के मुकेश मोदी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशिष सिंह छाबड़ा, मानद महासचिव केजार अली एवं उपाध्यक्षा डाॅ. अंशु कोठारी ने भी विचार रखें।

By : Suresh Lakhan



टाटा स्टील का सीएसआर कार्यक्रम क्षेत्रीय संवाद-2018 उदयपुर में

राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के 139 लोग ले रहे है हिस्सा
विचार और संस्कृति को साझा करने के लिए मंच हे संवाद: सौरव रॉय

17/09/2018 - उदयपुर। सामाजिक बदलाव एवं एकजुटता के लिए उदयपुर में पश्चिम भारत के जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि इकट्ठे हुए। क्षेत्रीय संवाद-2018 सम्मेलन इस वर्ष सामाजिक बदलाव के लिए एकजुटता विषय पर दो दिवसीय कार्यक्रम विचार और संस्कृति को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान कर भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्घ और असंख्य विरासत को प्रोत्साहित करने हेतु एक छोटा सा कदम होगा।
यह आयोजन में सेंटर फॉर माइक्रो फाइनांस, आस्था संस्थान, आजीविका ब्यूरो और टाटा ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है जिसमें राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के 21 जिलों से 19 जनजातीय समुदायों के 139 लोग हिस्सा ले रहे हैं।
इस अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में टाटा स्टील के चीफ सीएसआर सौरव रॉय ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा, खानपान, प्रचलित स्वास्थ्य चिंताओं और वन-आधारित आजीविका सहित विभिन्न विषयों की एक श्रृंखला में चिंताओं और समाधानों को चिन्हित करने पर केंद्रित है।
सौरव रॉय ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में ओडिशा (गजपति) और तमिलनाडु (मदुरै) में पहले दो क्षेत्रीय संवाद हुए थे, जिसमें देश के पूर्वी और दक्षिणी राज्यों से 66 जनजातियों के 285 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आदिवासी समुदायों को समझने और समर्थन करने के लिए टाटा स्टील का सबसे प्रमुख आउटरीच कार्यक्रम अब पांचवें वर्ष में है। पूर्वी और दक्षिण भारत में हमारे हालिया कार्यक्रमों में जबरदस्त भागीदारी के बाद, उदयपुर के इस कार्यक्रम में जनजातीय (आदिवासी) समुदायों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने संवाद के महत्व को रेखांकित किया।

By : Sameer Banerjee



पर्युषण पर्व पर केशवधाम में भव्य भक्ति संध्या

पद्मावती जैन भक्ति ग्रुप के युवा गायको ने समां बाँधा
राकेश चपलोत के भजन पर भक्तगण झूम उठे

14/09/2018 - उदयपुर। पर्युषण पर्व पर केशवधाम में भव्य भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। स्थानकवासी जैन श्रावक संघ भूपालपुरा के ललित बागरेचा ने बताया की पिछले सात दिनों से प्रतिदिन भक्ति संध्या का आयोजन चल रहा है।
केशव युवा मंच के अध्यक्ष राजेश सामर ने बताया की पद्मावती जैन भक्ति ग्रुप के युवा गायको ने समां बाँध रखा है। पद्मावती जैन भक्ति ग्रुप के अंकित खोखावत के अनुसार ख्यातनाम गायिका मीना जी के मधुर भजनो पर भक्तगण ज़ूम उठते है। अन्य गायक अरुण जैन के नाकोड़ा दादा वाले भजन पर श्रोता भक्ति में भाव विभोर हो गए। पेशे से प्रमुख व्यवसायी और मेवाड़ के सुरीले गायक राकेश चपलोत के भजन पर भक्तगण अपने आप को नाचने से नहीं रोक पाए।
श्रावक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने बताया की इस आयोजन में सुरेंद्र सिंह सामर, महेंद्र मुणोत, अनिल सिंयाल, मिट्ठालाल सिंघवी, यशवंत तलेसरा, ऋचा बागरेचा पोरवाल इत्यादि कई भक्तगणों का सहयोग मह्त्वपूण रहा।

By : Suresh Lakhan



रोबोटिक ईएनटी एवं हैड एण्ड नैक सर्जरी है चिकित्सा का भविष्य

रेाबोट मुश्किल और पारम्परिक सर्जरी केे लिए बेहतरीन विकल्प

14/09/2018 - उदयपुर। आधुनिक तकनीकों के विकास के साथ चिकित्सा एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। आज जटिल बीमारियों के इलाज का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। इसी तरह का एक उदाहरण है सर्जन के द्वारा मुश्किल सर्जरी के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल। रोबोट्स की मदद से सर्जन बेहद सटीकता, निपुणता के साथ सर्जरी को सफलतापूर्वक कर पाते हैं। सीनियर कन्सलटेन्ट एवं रोबोटिक सर्जन, डिपार्टमेन्ट ऑफ ईएनटी एवं हैड एण्ड नैक सर्जरी, इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल डॉ. कल्पना नागपाल ने रोबोटिक ईएनटी सर्जरी के बारे में बताते हुए कहा, रोबोट्स चिकित्सा जगत और सर्जरी का भविष्य हैं। आज रोबोट्स की मदद से हमें सर्जरी में बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। ये सर्जन की मदद करते हैं और मुश्किल सर्जरी को भी आसानी और सुरक्षा के साथ करने में मदद करते हैं। आमतौर पर हैड एवं नैक सर्जरी में बड़ी चीरे लगाने पड़ते हैं लेकिन रोबोटिक सर्जरी में इसकी ज़रूरत नहीं होती। मेडिकल रेाबोट मुश्किल और पारम्परिक सर्जरी केे लिए बेहतरीन विकल्प है।

By : Pramod Shrivastav



आर थ्री आई केयर का शुभारम्भ

महापौर कोठारी व प्रन्यास चेयरमेन श्रीमाली किया शुभारम्भ

12/09/2018 - उदयपुर। हिरणमगरी में आर थ्री आई केयर का शुभारम्भ महापौर चंद्र सिह कोठारी, प्रन्यास चेयरमेन रविद्र श्रीमाली व जिनेन्द्र शास्त्री ने किया गया। फर्म के राकेश लोहार ने बताया कि यहां पर सभी कंपनी के चश्में उपलब्ध है। ग्राहक की मांग पर आँखों की जांच भी की जायेगी। इस अवसर पर महापौर कोठारी ने कहा की आँखे व्यक्ति की सबसे अमूल्य धरोहर हे इसकी केयर सबसे अहम है।

By : Suresh Lakhan



मोतियाबिंद के ऑपरेशन में अब न टांका न इंजेक्शन

कई नए अचंभित करने वाले तकनीकी पहलुओं पर चर्चा
कॉम्प्लीकेटेड मामलों में उपचार की नई दस तकनीक

10/09/2018 - उदयपुर। अलख नयन मंदिर आई इंस्टीट्यूट एवं उदयपुर ऑप्थेल्मोलोजी सोसायटी की ओर से आई इंस्टीट्यूट प्रताप नगर में आयोजित लाइव कार्यशाला में अलख नयन मंदिर आई इंस्टीट्यूट के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एल.एस. झाला ने कहा की मोतियाबिंद के उपचार में अब न टांके की जरूरत पड़ती है ना ही इंजेक्शन लगाना पड़ता है। इस सर्जरी में इतना ज्यादा परफेक्शन आ चुका है कि ऑपरेशन के बाद चश्मे की भी कोई जरूरत नहीं पड़ती। यह सब संभव हुआ है नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उपलब्ध नई तकनीकों तथा अनुभवी व दक्ष चिकित्सकों के अथक परिश्रम के बलबूते पर। जिन नई तकनीकों से आज अमेरिका, यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य माहद्वीपों के हाइटेक समझे जाने वाले देशों में उपचार हो रहा है, वे सभी उदयपुर के अलख नयन मंदिर में उपलब्ध है।
कार्यशाला के पहले सत्र में नामी चिकित्सक-सर्जन ने तकनीकी नावोन्मेष की चर्चा करते हुए लाइव सर्जरी की। मुंबई के बॉम्बे सिटी आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के सर्जन डॉ. सोमिल कोठारी, एयूवीआई आई हॉस्पिटल कोटा के डॉ. सुरेश पांडे, अलख नयन मंदिर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एल.एस. झाला, अलख नयन के रेटिना सर्जन डॉ. साकेत आर्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ आप्थेल्मोलॉजी के एचओडी डॉ. अशोक बैरवा आदि ने लाइव सर्जरी के माध्यम से कई नई उपचार विधियों तथा तकनीकी पहलुओं पर प्रतिभागी देशभर से आए चिकित्सकों के समक्ष विचार व्यक्त किए।
डॉ. झाला ने बताया कि विभिन्न प्रकार के ऑपरेशनों के दौरान प्रतिभागी चिकित्सक कई नई सूचनाओं से उद्दीप्त हुए। उन्होंने बताया कि अब मल्टीफोकल लेंस के मदद से ऑपरेशन के बाद चश्मे पर निर्भरता समाप्त हो गई है। लाइव ऑपरेशन करते हुए उन्होंने बताया कि जिन मामलों में आंखों में लेंस रखने की जगह नहीं होती वहां अब स.एफ.आई.ओ.एल लेंस को बिना टांके के आंख में टनल बनाकर जमा देते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल प्री लोडेड लेंस भी काम में लिए जा रहे हैं। अल्ट्रासर्ट लेंस को छोटे से चीरे से ही प्रेस करके आंखों में बड़ी आसानी से फिट करने की भी लाइव सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान एक्रीसॉफ्ट आईक्यू नामक लेंस भी गया। इस ऑपरेशन की विशेषता यह है कि इसमें ऑपरेशन के बाद लेंस के पश्र्व में झिल्ली बनने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। कार्यशाला में लेंस में पावर डालने की आधुनिक मशीनों का भी जिक्र हुआ जिसमें लेंस स्टार वेरिओन सिस्टम से मरीज की आंखों के पैरामीटर को नाप कर लेंस की एक्यूरेसी माप ली जाती है। उसी केे अनुरूप जो लैंस तैयार होता है उसमें ऑपरेशन के बाद चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। दूूसरे सत्र में हिलटॉप होटल में नई मशीनें, वल्र्ड टेक्नोलॉजी व कॉप्लीकेटेड सिचुएशन को डील करने आदि पर चर्चा की गई।
कोठारी आई के डॉ. अनिल कोठारी ने ऑपरेशन के बाद भी कई बार नंबर आ जाने की समस्या तथा उसके बाद की चिकित्सा को प्रबंध करने की विधि बताई। डॉ. सोमिल कोठारी ने फेको सेंचुरियन विधि के माध्यम से उपचार तकनीक को समझने व नए तकनीकी पक्षों पर विस्तार से चर्चा की। झाला ने कॉम्प्लीकेटेड मामलों में उपचार की नई दस तकनीकों के बारे में बताया।

By : Suresh Lakhan



ज़िंक समाधान परियोजना में जावर के 23 किसान लाभान्वित

ड्रीप इरीगेशन सिस्टम, फैंसिंग, पौधे और खाद पर प्रशिक्षण

06/09/2018 - उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा बी. आई. एस. एल. डी के सहयोग से संचालित ‘समाधान’ परियोजना के अन्तर्गत फलोद्यान हेतु जावर माइंस क्षेत्र के 23 चयनित किसानों को वृक्षारोपण हेतु नींबु, आम व पपीता के पौधे वितरित किये गये। समाधान परियोजना के अंतर्गत किसानों की आजीविकोपार्जन हेतु फलोद्यान विकसित किये जा रहे है। इन किसानों को परियोजना में ड्रीप इरीगेशन सिस्टम, फैंसिंग, पौधे और खाद व दवाई प्रदान कर उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। संकुल प्रभारी महिपाल सिंह राठौड ने किसानों को फलदार पौधे के महत्व के बारे में बताया तथा तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई। जावर माइंस की सी.एस.आर हैड अरुणा चीता, शुभम गुप्ता ने किसानों को फलदार पौधे, फैन्सिंग, स्पै्रपम्प, स्केटियर का वितरण किया ओैर उपस्थित किसानों से बातचीत कर उनसे योजना के बारे में फिडबेक प्राप्त किया।

By : Sameer Banerjee



रिद्धि सिद्धि ट्रस्ट उदयपुर ने मुम्बई में दिए 15-15 हजार के ऋण

महिला सशक्तिकरण हेतु लोन मेले का आयोजन

04/09/2018 - उदयपुर। रिद्धि सिद्धि वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट उदयपुर और कल्याण वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा महाराष्ट्र के कल्याण ईस्ट के मलंग रोड स्थित साईं मैरिज होल में महिला सशक्तिकरण हेतु भव्य लोन मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 20 महिलाओं को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए 15- 15 हजार के ऋण दिए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट के चेयरमैन ललित तिवारी ने बताया की जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न तरह की योजनाओं से उन्हें सशक्त बना रहे हैं, इसी कड़ी में ट्रस्ट ने अपना एक योगदान देते हुए महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई है। कल्याण ट्रस्ट के चैयरमेन लेनिन मुरली ने बताया की कार्यक्रम के दौरान वृद्ध आश्रम के वृद्ध लोगों सहित 250 गरीब परिवारों को राशन सामग्री भी वहां प्रदान की गई ओर 500 निर्धन लोगो को भोजन करवाया गया। इसके साथ ही सरकार द्वारा मुख्य रूप से महिलाओ के लिए चलाई जा रही योजनाओं की पूर्ण जानकारी देकर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के लिए ट्रस्ट द्वारा सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम में ट्रस्ट के ट्रस्टी ईशान पण्ड्या, हेमेंद्र सिंह रावल, ट्रस्ट के सदस्य मोहम्मद अब्बास नीलगर, अय्यूब मिरासी, सुहेल खान, मनीष चौरसिया, प्रवीण बैरवा, राम शर्मा आदि मौजूद थे।

By : Suresh Lakhan



टोयोटा की इनोवा और फॉरच्यूनर में नई खासियतें शामिल

भारतीय बाजार में फॉरच्यूनर सम्मानित एसयूवी
पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि

03/09/2018 - उदयपुर। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने आज इनोवा क्रिस्टा का बेहतर रूपांतर और बेहतर फॉरच्यूनर पेश किया। 2005 में पेश किए जाने के बाद से एमपीवी वर्ग में इनोवा देश में अग्रणी रही है जबकि वाहनों के भारतीय बाजार में फॉरच्यूनर सम्मानित एसयूवी है। ग्राहकों की बदलती बढ़ती आवश्यकताओं के साथ चलते हुए इनोवा क्रिस्टा और इनोवा टूरिंग स्पोर्ट में सुरक्षा के क्षेत्रों में बेहतरी की गई है। बेहतर बनाए गए उत्पादों के बारे में बताते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड के उप प्रबंध निदेशक एन राजा ने कहा, 2005 में भारत में पेश किए जाने के बाद से ही इनोवा ने अपनी अग्रणी स्थिति कायम रखी है और इसे अक्सर सेगमेंट बनाने वाला कहा जाता है क्योंकि यह देश में पसंदीदा एमपीवी है। पिछले साल की तुलना में इसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हम अपने ग्राहकों को उनके मजबूत सहयोग तथा इनोवा ब्रांड में भरोसा करने के लिए धन्यवाद देते हैं। टोयोटा में हम अपने ग्राहकों की आवाज सुनते हैं और लगातार बेहतर कार बनाने की कोशिश करते हैं। कई नई खासियतें शामिल करने के बाद हमें यकीन है कि ग्राहकों को गाड़ी चलाने का हमेशा आनंददायक और सुरक्षित अनुभव होगा। एसयूवी के बाजार में फॉरच्यूनर का प्रभुत्व 2009 में पेश किए जाने के समय से ही बना। नए बेहतर उत्पाद के बारे में बताते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड के उप प्रबंध निदेशक एन राजा ने कहा, फॉरच्यूनर सबसे लोकप्रिय वाहन के रूप में उभरा है और एसयूवी वर्ग में इसका प्रभुत्व है। अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मजबूतीए सडक़ पर आराम और ऑफ रोड शक्ति के लिए इसे अच्छी तरह जाना जाता है। दूसरी पीढ़ी के फॉरच्यूनर को सभी क्षेत्रों में इसके बेहतर ड्राइविंग डायनैमिक्स के लिए अपनी श्रेणी में बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसके अलावा इसकी खास स्लीक और शक्तिशाली डिजाइन है। उन्होंने आगे कहा, टोयोटा में हमलोग कस्मटर फस्र्ट यानी ग्राहक सबसे पहले के दर्शन में विश्वास करते हैं और यह हमारे ग्राहकों की नई उभरती प्राथमिकताओं के क्रम में है। हम बेहतर रूपांतर पेश करते हुए खुशी महसूस करते हैं।

By : Suresh Lakhan



शिक्षा मे समानता एवं श्रेष्ठता: वैश्विक चुनौतियां विषयक सम्मेलन

शिक्षा से समानता के लिए उचित कार्यनीति की जरूरत
देश विदेश से आए शिक्षकों एवं शोधार्थियो को शुभकामनाऐं दी

01/09/2018 - उदयपुर। काॅमनवेल्थ काउन्सिल आॅफ एज्युकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के भारतीय संगठन की ओर से शिक्षा मे समानता एवं श्रेष्ठता: वैश्विक चुनौतिया विषयक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय के सभागार में दिनांक 27 से 30 अगस्त के दौरान किया गया। सेमीनार का समापन समारोह 30 अगस्त 2018 को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनिता बोहरा, आयुक्त देवस्थान विभाग राजस्थान ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए. प्रभाकरण, पूर्व निदेशक, राज्य शिक्षा प्रोद्योगिकी संस्थान, केरल सरकार थे।
समापन कार्यक्रम मे प्रोफेसर पी. के. दशोरा, पूर्व कुलपति कोटा कृषि विश्वविद्यालय ने वेलीडिक्टरी भाषण दिया एवं विशिष्ट अतिथि डाॅ. सी.पी. माथुर, मनोवैज्ञानिक सलाहकार, शिक्षा एवं मानव संसाधन सलाहकार एवं पूर्व प्रधानाध्यापक, जैन शिक्षक प्रशिक्षण काॅलेज, अलवर एवं डाॅ. वी. एम. शशि कुमार, संयोजक सीसीईएम (भारत) ने भी उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों के स्वागत उपरांत, सम्मेलन की निदेशिका डाॅ. हेमलता तलेसरा ने अतंरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देष्यों, गतिविधियों एवं अन्य पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। डाॅ. के. राजेश्वरी, सह आचार्य, केरल द्वारा 4 दिनों के दौरान आयोजित हुए विभिन्न सत्रों की विस्तार पूर्वक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
सम्मेलन में निम्न अनुशंसाऐं की गई-
1. भारतीय संविधान के अनुरूप शिक्षा के द्वारा समानता को प्रभावकारी रूप से अपनाने की जरूरत। 2. सभी शिक्षण संस्थाओं मे शिक्षा में समानता पर विशेष ध्यान दिया जायें। 3. शिक्षा मे समानता को लागू करने के लिए अध्यापक समुदाय को पुनः अभिविन्यासित करने की आवश्यकता। 4. सरकारी संस्थाओं के माध्यम से मीडिया को अभिविन्यासित करने की दिशा मे सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता जिससे समानता एवं ग्राम सशक्तिकरण बढे़। 5. लोगो के सशक्तिकरण एवं समानता के विकास के सन्दर्भ में भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं पहचान को बढ़ावा देने हेतु उचित कार्यनीति बनाने की जरूरत।
डाॅ. पी. के. दशोरा ने समानता एवं श्रेष्ठता के पैमानों एवं मापदण्डों पर प्रकाश डाला साथ ही समस्त शिक्षक समूह को शोधकार्यो में मौलिकता एवं प्रासंगिकता को ध्यान मे रखने की सलाह दी। प्रतिभागियों ने अपने इन चार दिवसों के दौरान हुए अनुभवों को सदन के बीच सांझा किया। सभी ने आश्वासन दिया कि इस सम्मेलन से प्राप्त हुए अनुभवों एवं सीखी गई बातों को अपने कार्यक्षेत्र में अमल मे लाने का प्रयास करेंगे। विनिता बोहरा, आयुक्त देवस्थान विभाग ने आशा जताई कि सम्मेलन मे विस्तृत रूप से की गई चर्चा की विषय-वस्तु को सभी प्रतिभागी व्यावहारिक रूप से जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आयोजनकर्ताओं को बधाई देते हुऐ सभी प्रतिभागियों एवं सभा में उपस्थित देश विदेश से आए शिक्षकों एवं शोधार्थियो को शुभकामनाऐं दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. प्रभाकरण ने भारत में शिक्षा क्षेत्र में समय समय पर गठित विभिन्न कमीशनों का जिक्र करते हुए इस बात पर बल दिया कि हमारे देश मे समानता के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा मे सरकार अथक रूप से प्रयासरत है तथा हमारा संविधान भी हमारे समानता के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए कटिबद्ध है। अन्त मे डाॅ. उषाश्री, उपाध्यक्ष, सीसीईएएम भारत ने सम्मेलन मे चर्चा एवं विचारों के मंथन द्वारा निकाली गई अनुषंसाओं को सदन के बीच रखा। इन पर सभी की सहमति उपरान्त ‘उदयपुर घोषणा, अगस्त 30, 2018’ के रूप में प्रो. पी. के. दशोरा द्वारा औपचारिक रूप से उद्घोषित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविद् डाॅ. उषा राॅव, पूर्व प्राचार्य, गोखले ऐजुकेशन सोसाइटी, मुम्बई एवं श्रीमान् आर. के. अग्रवाल, अग्रवाल आॅफसेट का सम्मान एंव अभिवादन किया गया। धन्यवाद की रस्म डाॅ. राजेश मंत्री, राज्य काउन्सिल के वित्त सचिव। कोषाध्यक्ष (आर. सी. ई. ए. एम.) ने अदा की एवं कार्यक्रम का संचालन किया – डाॅ. शांउली चक्रवर्ती आचार्य ने किया।

By : Suresh Lakhan



हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से वन विभाग करेगा 20,000 पौधों का वितरण

शहर को हरा-भरा बनाने एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु
हिन्दुस्तान जिंक की अनुकरणीय पहल

26/08/2018 - उदयपुर। उदयपुर शहर को हरा-भरा बनाने एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु वर्षा ऋतु में हिन्दुस्तान जिंक व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हिन्दुस्तान ज़िंक के सहयोग से 20,000 हजार पौधों का वितरण होगा। ज्ञातव्य रहे कि इस कार्यक्रम के तहत राजकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर पौधारोपण हेतु अनेक संस्थाओं को 6000 से अधिक फलों एवं अन्य पौधे वितरण किये गये है। उदयपुर वन विभाग की शिल्पग्राम नर्सरी में पौधे वितरण के दौरान उदयपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय सीसीएफ आई.पी.एस. मथारू, डीएफओ आर.के जैन, डीसीएफ नार्थ, ओ.पी. शर्मा एवं हिंदुस्तान जिंक के वी.पी. जोशी, सुनील वशिष्ठ, हंसा व्यास एवं निधि श्रीवास्तव उपस्थित रहे। हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक की यह अनुकरणीय पहल उदयपुर को हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त, पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की सुदरता को बढ़ाने और वृक्षारोपण के लिए समुदाय में जागरूकता लाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।

By : Suresh Lakhan


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